किसी भी परिवार के लिए रोजगार केवल आय का साधन नहीं होता, बल्कि वह बच्चों के सपनों, परिवार की खुशियों और बेहतर भविष्य की नींव भी होता है। कोरोना काल के दौरान रोजगार बंद होने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हुआ। ऐसे समय में शासन की योजनाओं ने जरूरतमंद परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया।

छिंदवाड़ा की श्रीमती सोनम कहार की कहानी भी इसी बदलाव की मिसाल है, जिन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले सहयोग से अपना व्यवसाय दोबारा शुरू किया और आज अपनी मेहनत से परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं। छिंदवाड़ा शहर के माता मंदिर, चंदनगांव, वार्ड क्रमांक 34 निवासी श्रीमती सोनम कहार पहले सब्जी बेचने का व्यवसाय करती थीं।

कोरोना काल में उनका व्यवसाय बंद हो गया, जिससे परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां बढ़ गईं। आय का कोई अन्य नियमित साधन नहीं होने के कारण परिवार का पालन-पोषण कठिन हो गया था। उनके पति भी फल बेचने का कार्य करते हैं, लेकिन परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त आय की आवश्यकता बनी रहती थी।

पीएम स्वनिधि योजना ने दिया दोबारा शुरुआत का अवसर - श्रीमती सोनम कहार को जब नगर निगम छिंदवाड़ा के माध्यम से संचालित पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने रोजगार को फिर से शुरू करने के लिए योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्होंने नगर निगम छिंदवाड़ा के माध्यम से अपना आवेदन भारतीय स्टेट बैंक, कृषि शाखा छिंदवाड़ा में प्रस्तुत किया।

बैंक द्वारा प्रकरण स्वीकृत होने के बाद उन्हें योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त हुआ। योजना के तहत उन्हें क्रमशः 03 नवंबर 2023 को 10 हजार रुपये, 14 अगस्त 2024 को 20 हजार रुपये और 22 जनवरी 2026 को 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि को उन्होंने अपने व्यवसाय में लगाया और सब्जी व्यवसाय को दोबारा गति दी।

धीरे-धीरे व्यवसाय बढ़ा और आज उन्हें सब्जी व्यवसाय से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय हो रही है। बढ़ी आमदनी तो बच्चों की पढ़ाई भी हुई आसान- श्रीमती सोनम कहार के परिवार में दो बच्चे हैं। उनका बेटा आईटीआई में अध्ययनरत है, जबकि बेटी 12वीं कक्षा के बाद अपनी मां के व्यवसाय में उनका सहयोग कर रही है।

व्यवसाय से होने वाली आय ने परिवार को आर्थिक सहारा दिया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने में मदद मिल रही है। बेटी मां के साथ व्यवसाय में हाथ बंटाती है और परिवार की जिम्मेदारियों में सहभागी बन रही है।

श्रीमती सोनम बताती हैं कि पीएम स्वनिधि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें केवल व्यवसाय दोबारा शुरू करने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का रास्ता भी खोला। आज पति फल बेचने का कार्य करते हैं और श्रीमती सोनम सब्जी व्यवसाय संभालती हैं। दोनों की मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

मेहनत, योजना और आत्मनिर्भरता से बेहतर हुआ जीवन- श्रीमती सोनम कहार को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना एवं आयुष्मान भारत योजना का भी लाभ मिल रहा है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर परिवार को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिली है। श्रीमती सोनम कहती हैं कि पीएम स्वनिधि योजना ने उन्हें अपने बंद हो चुके रोजगार को फिर से शुरू करने का अवसर दिया।

ऋण की सहायता से व्यवसाय में निवेश किया, आमदनी बढ़ी और अब बच्चों की पढ़ाई के साथ परिवार की अन्य जरूरतें भी बेहतर ढंग से पूरी हो पा रही हैं। वे शासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि जरूरतमंद छोटे व्यवसायियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना रोजगार को फिर से खड़ा करने और आत्मनिर्भर बनने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हैं।