आजीविका मिशन से जुड़कर स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ऐसी ही एक उदाहरण कुण्डम विकासखंड के ग्राम हिनोता पंचायत अमझर की सुनीता परस्ते हैं, जिन्होंने आरसेटी ( ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ) से प्रशिक्षण लेकर बुटीक स्थापित किया और अब इससे हर महीने करीब 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।

सुनीता परस्ते ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्होंने बैंक ऑफ़ इंडिया से एक लाख रुपए का ऋण लिया था। इस राशि का उपयोग उन्होंने प्रशिक्षण लेने और बुटीक स्थापित करने में किया। आज बुटीक के माध्यम से वे अपना स्वरोजगार संचालित कर रही हैं। अब उनकी योजना रेडीमेड कुर्तियां तैयार कर उन्हें थोक दुकानों में सप्लाई करने की है। इसके साथ ही वे आजीविका मिशन के प्रशिक्षण केंद्र में काम कर अन्य महिलाओं को भी सिलाई एवं बुटीक संबंधी प्रशिक्षण देती हैं, ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

सुनीता बताती हैं कि वे आजीविका मिशन के तहत उद्यम से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे महिलाओं का उद्यम पंजीयन कराने के साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इसके अलावा उद्यम कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के तहत संकुल संघ के साथ मिलकर काम करने और महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में भी सहयोग करती हैं। वे कम्युनिटी इन्वेस्ट फण्ड सहित विभिन्न माध्यमों से ऋण एवं आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया में ग्रामीण महिलाओं की मदद करती हैं।

सुनीता का कहना है कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का जीवन स्तर सुधार सकें। वे अपने बुटीक व्यवसाय का विस्तार करने के साथ महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।