राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से चिन्हित रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग खंडवा द्वारा विशेष पहल की जा रही है। संचालनालय आयुष के निर्देशानुसार अक्टूबर 2025 से एलोपैथी दवा हाइड्रोक्सीयूरिया का सेवन कर रहे सिकल सेल एनीमिया रोगियों को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार "एड-ऑन थेरेपी" के रूप में आयुर्वेद औषधियों का घर-घर जाकर वितरण किया जा रहा है।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि विभाग के चिकित्सकों द्वारा रोगियों को उचित चिकित्सा परामर्श देने के साथ निर्धारित आयुर्वेद औषधियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 7 विकासखंडों में संचालित आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी औषधालयों के चिकित्सक एवं स्टाफ के समन्वय और सहयोग से यह अभियान निरंतर जारी है। इसके माध्यम से चिन्हित रोगियों तक आयुष चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

अभियान के अंतर्गत धात्री लौह, च्यवनप्राश, हिंग्वाष्टक चूर्ण, रास्नासप्तक कषाय, दाडिमादि घृत, अविपत्तिकर चूर्ण एवं रास्नादि गुग्गुल जैसी आयुर्वेद औषधियों का वितरण किया गया है। विभाग के अनुसार, इन औषधियों का निर्धारित तरीके से निरंतर सेवन एलोपैथी उपचार के साथ एड-ऑन थेरेपी के रूप में किए जाने पर रोगियों द्वारा हाथ-पैर में दर्द एवं सूजन, अपच, पेट दर्द आदि लक्षणों में राहत अनुभव की जानकारी दी गई है।

आयुष विभाग द्वारा रोगियों को औषधियों के सेवन की उचित विधि, नियमित उपचार तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। (फोटो संलग्न)