'श्रम प्रहरी' बनकर श्रमिक सुरक्षा में निभाएं भागीदारी, अपंजीकृत संस्थानों की दें सूचना: श्रम विभाग अपंजीकृत कारखानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी विभाग को देकर नागरिक बन सकते हैं 'श्रम प्रहरी'
ऑनलाइन पोर्टल एवं टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 पर दर्ज कराई जा सकती है सूचना
श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा "श्रम प्रहरी" व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इस पहल के माध्यम से आम नागरिक एक सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हुए अपने आसपास संचालित अपंजीकृत कारखानों, संस्थानों एवं निर्माण कार्यों की जानकारी श्रम विभाग को दे सकते हैं।
श्रम पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 'श्रम प्रहरी' कोई औपचारिक शासकीय पद नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक जागरूक नागरिक की एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। इसके माध्यम से नागरिक श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने, कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानक सुनिश्चित कराने और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन के सहयोगी बन सकते हैं। हाल ही में सामने आई घटनाओं में यह तथ्य उजागर हुआ है कि कई कार्यस्थलों पर वैधानिक पंजीयन न होने के कारण सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण व अनुश्रवण नहीं हो पाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
यदि आपके आसपास कोई ऐसा कारखाना या व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहा है जो नियमानुसार पंजीकृत नहीं है, तो आप 'श्रम प्रहरी' के रूप में इसकी सूचना निम्नलिखित माध्यमों से दे सकते हैं:
टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर:
इसके अतिरिक्त, 'युवा संवाद' कार्यक्रम व ग्राम सभाओं के माध्यम से भी श्रमिकों को व्यावसायिक सुरक्षा व स्वास्थ्य (OSH), प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, वित्तीय साक्षरता, बाल श्रम व बंधुआ मजदूरी की रोकथाम, न्यूनतम वेतन तथा संबल व भवन संनिर्माण (BOCW) कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं से निरंतर जागरूक किया जा रहा है। जिले के समस्त नागरिकों से अपील है कि वे 'श्रम प्रहरी' बनकर सुरक्षित कार्य परिवेश के निर्माण में अपना योगदान दें।
