सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने आज स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 की शुरुआत की। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसके माध्यम से विभाग ने स्वच्छता और जनभागीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने विभाग के सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों पर शपथ ली। अन्य स्थानों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यस्थलों से इस अभियान में भाग लिया।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले संगठनों को अपने-अपने कार्यालयों में स्वच्छता की शपथ आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इसका उद्देश्य विभाग और उसके संस्थानों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
शपथ के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता बनाए रखने, हर वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह 2 घंटे स्वच्छता के लिए स्वेच्छा से काम करने तथा न तो स्वयं गंदगी फैलाने और न ही दूसरों को गंदगी फैलाने देने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि स्वच्छता की शुरुआत वे स्वयं, अपने परिवार, आसपास के क्षेत्र, गांव और कार्यस्थल से करेंगे तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छ भारत मिशन में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ कार्यस्थल, मोहल्ले, गांव, शहर और स्वच्छ राष्ट्र बनाने के लिए हर व्यक्ति की निरंतर भागीदारी और सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी हैं।

