धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य पालन संबंधी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के 18 चयनित ग्रामों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना का लाभ लेने के इच्छुक हितग्राही 5 नवम्बर, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। सहायक संचालक मत्स्योद्योग द्वारा बताया कि योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के लिए पात्र हितग्राहियों को अनुदान का लाभ प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें मत्स्य पालन इकाई की स्थापना, मछली आहार निर्माण इकाई, मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र, तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक तकनीक से मत्स्य पालन तथा मछली विक्रय के लिए कियोस्क की स्थापना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जलाशयों में मत्स्य बीज संचयन तथा मछलियों के परिवहन एवं विक्रय को सुविधाजनक बनाने के लिए आइस बॉक्स युक्त साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटोरिक्शा एवं विशेष वाहनों से संबंधित गतिविधियों के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को इकाई लागत का 90 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इससे जनजातीय समुदाय के पात्र हितग्राहियों को मत्स्य पालन के क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनकी आय में वृद्धि करने में सहायता मिलेगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक हितग्राही आवेदन प्रक्रिया, पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के लिए मत्स्य पालन विभाग में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं। हितग्राही निर्धारित समय-सीमा में आवेदन प्रस्तुत करें।

