जब इरादे मजबूत हों और कार्य करने की लगन हो तो परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं। शिवपुरी शहर के ठकुरपरा वार्ड क्रमांक 1 में रहने वाले रवि यादव के जीवन में आए बदलाव की कहानी कुछ ऐसी ही है। आर्थिक तंगी से घिरे रवि ने परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय अपनी लगन और मेहनत के बल पर एक नई राह चुनी। श्री रवि यादव के जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब उन्हें नगरपालिका शिवपुरी के माध्यम से केंद्र सरकार की पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने नगरपालिका जाकर आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बैंक में फॉर्म जमा किया। योजना के अंतर्गत बैंक द्वारा उन्हें सबसे पहले 10,000 रुपये का प्रारंभिक कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया गया। श्री रवि यादव ने इस राशि का सदुपयोग किया और नियमित रूप से अपनी किश्तें चुकाकर ऋण चुकता कर दिया। उनके इस बेहतर वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक द्वारा उन्हें 20,000 रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया गया। इसे भी सफलतापूर्वक चुकाने के बाद अब उन्हें 50,000 रुपये की ऋण राशि प्राप्त हो चुकी है। ऋण के रूप में प्राप्त वित्तीय सहायता से श्री रवि यादव ने दोना-पत्तल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता से वे आवश्यक कच्चा माल और मशीनरी जुटाने में सफल रहे। लगातार मेहनत और बेहतर उत्पाद गुणवत्ता के बल पर उनके दोना-पत्तल निर्माण कार्य की मांग बाजार में बढ़ने लगी, जिससे उनकी दैनिक बिक्री और मासिक आय में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। 50,000 रुपये के तीसरे ऋण की मदद से अब उन्होंने अपने इस काम को और अधिक बढ़ा लिया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हो गई है। श्री रवि यादव का यह प्रयास न केवल उनके परिवार को आर्थिक स्थिरता और संबल प्रदान कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के अन्य छोटे स्ट्रीट वेंडर्स व युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना है। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि वित्तीय अनुशासन और ईमानदारी के साथ यदि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। अपनी इस सफलता और स्वावलंबन की यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री रवि यादव कहते हैं कि पीएम स्वनिधि योजना ने मेरी डूबती आर्थिक स्थिति को उबारकर मुझे समाज में सम्मानपूर्वक जीने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।